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ICSI क्या है? कम Sperm Count में भी Pregnancy कैसे संभव है

पुरुष में शुक्राणु कम या कमज़ोर हों तब भी ICSI तकनीक से pregnancy की संभावना बनती है। जानिए ICSI कैसे काम करती है और किसके लिए उपयोगी है।

ICSI क्या है? कम Sperm Count में भी Pregnancy कैसे संभव है

बहुत से दंपति यह मान लेते हैं कि अगर पुरुष में शुक्राणु (sperm) कम हैं, तो बच्चा होना संभव नहीं है। लेकिन आधुनिक तकनीक ICSI (Intracytoplasmic Sperm Injection) ने ऐसे कई दंपतियों के लिए उम्मीद जगाई है।

ICSI क्या है?

ICSI, IVF की एक उन्नत तकनीक है। सामान्य IVF में अंडाणु और कई शुक्राणुओं को एक साथ रखा जाता है ताकि शुक्राणु खुद अंडाणु में प्रवेश करे। ICSI में lab में microscope की मदद से एक स्वस्थ शुक्राणु चुनकर उसे सीधे अंडाणु के अंदर inject किया जाता है।

इसलिए कहा जाता है कि ICSI में एक ही sperm से भी pregnancy संभव हो सकती है।

ICSI किनके लिए उपयोगी है?

  • Low sperm count – शुक्राणुओं की संख्या कम होना
  • Weak sperm motility – शुक्राणुओं की गतिशीलता कम होना
  • शुक्राणुओं की बनावट (morphology) में कमी
  • पहले के IVF में अंडाणु का fertilization न होना
  • frozen sperm या frozen eggs का इस्तेमाल
  • कुछ मामलों में surgery से निकाले गए शुक्राणु

ICSI की प्रक्रिया

  1. जाँच: पति-पत्नी दोनों की पूरी जाँच – semen analysis, hormone tests और ultrasound।
  2. Stimulation: महिला को कुछ दिनों तक injections दिए जाते हैं ताकि कई अंडाणु तैयार हों।
  3. Egg pick-up: एक छोटी प्रक्रिया से अंडाणु निकाले जाते हैं।
  4. ICSI: lab में हर परिपक्व अंडाणु में एक-एक शुक्राणु inject किया जाता है।
  5. Embryo transfer: बने हुए embryo को गर्भाशय में रखा जाता है।
  6. लगभग दो हफ्ते बाद pregnancy test किया जाता है।

क्या ICSI से सफलता पक्की है?

नहीं। ICSI fertilization की संभावना बढ़ाती है, लेकिन pregnancy की सफलता महिला की उम्र, अंडाणुओं की गुणवत्ता, गर्भाशय की स्थिति और अन्य कारणों पर निर्भर करती है। सही diagnosis और expert guidance से ही सही निर्णय लिया जा सकता है।

पुरुषों में infertility – शर्म नहीं, इलाज ज़रूरी

Infertility की जाँच में अक्सर केवल महिला की जाँच होती है, जबकि कई मामलों में कारण पुरुष में होता है। पति का semen analysis एक आसान और ज़रूरी जाँच है। धूम्रपान, शराब, मोटापा और तनाव कम करने से भी शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर अच्छा असर पड़ता है।

परामर्श कहाँ लें?

अगर एक साल (35 वर्ष से अधिक उम्र में छह महीने) तक प्रयास करने के बाद भी pregnancy नहीं हो रही, तो विशेषज्ञ से मिलें। Jamuna Sewa Sadan Hospital में IVF और infertility care के लिए Dr. Parnnika Agrawal से परामर्श लिया जा सकता है। अपॉइंटमेंट बुक करें।

Frequently asked questions

ICSI और IVF में क्या अंतर है?

IVF में अंडाणु और शुक्राणु एक साथ रखे जाते हैं, जबकि ICSI में एक चुने हुए शुक्राणु को सीधे अंडाणु में inject किया जाता है। ICSI, IVF का ही एक उन्नत तरीका है।

क्या बहुत कम sperm count में भी ICSI हो सकता है?

हाँ, कई मामलों में बहुत कम शुक्राणु होने पर भी ICSI संभव है। आपकी स्थिति जाँच के बाद डॉक्टर बताएँगे।

पुरुष infertility की पहली जाँच कौन-सी है?

Semen analysis पहली और आसान जाँच है, जिससे शुक्राणुओं की संख्या, गतिशीलता और बनावट का पता चलता है।

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This article is for general awareness and is not a substitute for medical advice. Please consult a doctor for diagnosis and treatment.

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