Skip to content
S-15/47, Panchkoshi Road, Near Shivpur Police Station, Shivpur, Varana... jamunasewasadan@gmail.com

Periods में साफ-सफाई क्यों ज़रूरी है? Menstrual Hygiene के ज़रूरी टिप्स

Periods कोई शर्म की बात नहीं, महिलाओं के स्वास्थ्य का ज़रूरी हिस्सा है। जानिए periods में सही साफ-सफाई, pad बदलने का समय और infection से बचाव।

Periods में साफ-सफाई क्यों ज़रूरी है? Menstrual Hygiene के ज़रूरी टिप्स

Menstruation (मासिक धर्म) कोई शर्म की बात नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य का एक ज़रूरी हिस्सा है। फिर भी आज भी कई घरों में periods पर खुलकर बात नहीं होती। इसी कारण कई लड़कियों और महिलाओं को सही साफ-सफाई (menstrual hygiene) की जानकारी नहीं मिल पाती, और infection जैसी समस्याएँ हो जाती हैं।

Periods में साफ-सफाई क्यों ज़रूरी है?

Periods के दौरान खून और नमी के कारण कीटाणु जल्दी पनप सकते हैं। सही सफाई न हो तो:

  • योनि और पेशाब के रास्ते में infection (UTI) हो सकता है
  • खुजली, जलन और त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं
  • बदबू और असहजता बढ़ती है

Sanitary Pad कितनी बार बदलें?

आमतौर पर हर 4 से 6 घंटे में pad बदलना चाहिए, भले ही वह ज़्यादा भरा न हो। ज़्यादा bleeding वाले दिनों में और जल्दी बदलें। एक ही pad को पूरे दिन न पहनें।

Periods में सही साफ-सफाई के तरीके

  1. pad बदलने से पहले और बाद में हाथ साबुन से धोएँ।
  2. योनि के बाहरी हिस्से को साफ पानी से धोएँ। आगे से पीछे की ओर सफाई करें।
  3. योनि के अंदर साबुन, perfume या spray का इस्तेमाल न करें।
  4. सूती (cotton) अंडरगारमेंट पहनें और रोज़ बदलें।
  5. कपड़े का pad इस्तेमाल करती हों तो उसे साबुन से धोकर धूप में सुखाएँ।
  6. Menstrual cup इस्तेमाल करती हों तो उसे निर्देशों के अनुसार साफ करें।
  7. इस्तेमाल किया हुआ pad कागज़ में लपेटकर कूड़ेदान में डालें, शौचालय में न बहाएँ।

Periods के दौरान खान-पान और आराम

  • खूब पानी पिएँ।
  • आयरन वाले भोजन – हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, गुड़, चना, दालें – लें।
  • हल्का व्यायाम या टहलना दर्द कम करने में मदद कर सकता है।
  • पर्याप्त नींद लें।

कौन-से लक्षण नज़रअंदाज़ न करें?

  • इतनी ज़्यादा bleeding कि हर घंटे pad भर जाए
  • 7 दिन से ज़्यादा periods चलना
  • बहुत तेज़ दर्द जिससे रोज़ के काम रुक जाएँ
  • बदबूदार सफेद पानी, खुजली या जलन
  • periods का बहुत अनियमित होना या बंद हो जाना
  • चक्कर आना या बहुत कमज़ोरी

ये लक्षण PCOD, खून की कमी, infection या किसी और समस्या के संकेत हो सकते हैं। अनियमित periods के बारे में भी पढ़ें।

बेटियों से बात करें

माँएँ अपनी बेटियों से periods शुरू होने से पहले ही इस बारे में बात करें। सही जानकारी डर और शर्म को दूर करती है।

Varanasi में स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श

स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समाज की पहचान है। Periods से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए Jamuna Sewa Sadan Hospital, Shivpur की lady gynecologists से निजी परामर्श लें। अपॉइंटमेंट बुक करें।

Frequently asked questions

Periods में pad कितने घंटे में बदलना चाहिए?

आमतौर पर हर 4 से 6 घंटे में pad बदलना चाहिए। ज़्यादा bleeding हो तो और जल्दी बदलें।

क्या periods में नहाना चाहिए?

हाँ, periods में रोज़ नहाना और साफ-सफाई रखना ज़रूरी है। इससे infection और बदबू से बचाव होता है।

कितनी bleeding होने पर डॉक्टर को दिखाएँ?

अगर हर घंटे pad भर जाए, periods 7 दिन से ज़्यादा चलें या बहुत कमज़ोरी और चक्कर आएँ, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें।

Hospital location

Visit Jamuna Sewa Sadan

Shivpur, Varanasi

Get directions

This article is for general awareness and is not a substitute for medical advice. Please consult a doctor for diagnosis and treatment.

24x7 emergency & ambulance

Need help right now?

Call us any time. Our emergency team, ICU and ambulance are ready round the clock.

Call +91-8546059897